Mathura Vrindavan

Mathura Vrindavan Complete Tour Guide In Hindi

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Mathura Vrindavan Complete Tour Guide In Hindi

राधे राधे दोस्तो आज हम आपको लिए चलते हैं मथुरा वृंदावन की यात्रा पर । मथुरा और वृंदावन में भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि है यहाँ पर भगवान श्री कृष्ण ने अपना बचपन अपनी जवानी व्यतीत की थी मथुरा में बलरामजी के साथ बिताए हुए पल और गोपियों के साथ रास लीला को बड़े ही अद्भुत तरीके से दर्शाया गया है। मथुरा वृंदावन में हर साल लाखों श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए आते हैं। इस धरती को ब्रजभूमि या फिर मधुपुर के नाम से भी जाना जाता है। अगर हम मथुरा को मंदिरों का शहर बोले  तो भी कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी । यहाँ पर श्री कृष्ण बलराम जी और राधारानी के कई मंदिर स्थित है। तो आज हम  हमारे इस पोस्ट के जरिए आपको मथुरा और वृंदावन की यात्रा पर ले चलते हैं।

How To Reach Mathura मथुरा कैसे पहुँचे

By Flight हवाई जहाज द्वारा :

हवाई जहाज से मथुरा पहुंचने के लिए हमें आगरा हवाई अड्डे पर आना होता है यहाँ से मथुरा की दूरी 62 किलोमीटर है ।

By Train ट्रेन से :

 मथुरा में दो रेलवे स्टेशन हैं जिनका नाम है मथुरा जंक्शन और मथुरा कैंट । मथुरा जंक्शन उत्तरी मध्य ट्रैक से जुड़ा हुआ है और मथुरा कैंट उत्तरी पश्चिमी ट्रैक से जुड़ा हुआ है इस वजह से यहाँ पर देश के अधिकतर जगहों से हमें ट्रेन की सुविधा मिल जाती है।

By Bus बस द्वारा :

बस द्वारा मथुरा पहुंचने के लिए उत्तर प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों से मथुरा की बस उपलब्ध रहती है इसके अलावा देश की राजधानी दिल्ली से भी रोजाना मथुरा के लिए बस की सुविधा है ।  मथुरा पहुंचने के बाद आप यहाँ से टैक्सी या फिर ऑटो लेकर मथुरा और वृंदावन के सभी दर्शनीय स्थलों का विचरण कर सकते हैं ।

Stay In  Mathura मथुरा में रहने की सुविधा :

मथुरा और वृंदावन भक्ति भाव से जुड़ा एक शहर है जहाँ पर हर साल लाखों श्रद्धालु माथा टेकने आते हैं इस वजह से यहाँ रहने के लिए कई धर्मशालाएं बनी हुई है । यहाँ पर आप बहुत ही कम पैसे देकर रुक सकते   हैं । इसके अलावा यहाँ पर कई बड़ी बड़ी होटले भी है जहाँ पर भी आप अपने रहने की व्यवस्था कर सकते   हैं ।

Visiting Place In Mathura and Vridavan मथुरा  और वृन्दावन में घूमने की जगह :

ऐसे तो पूरा मथुरा और वृंदावन अगर आप घूमेंगे तो तीन से चार दिन लग जाते हैं लेकिन हम इस पोस्ट में आपको यहाँ के प्रमुख स्थानों के बारे में ही बता रहे हैं।

Krishan Janmbhumi In Mathura कृष्ण जन्मभूमि :

ऐसा बताते है कि इस मंदिर में  कृष्ण भगवान का जन्म हुआ था यहाँ पर भगवान कृष्ण की 4 मीटर की एक सोने की मूर्ति थी की जिसे महमूद गजनवी अपने साथ ले गया था । इस मंदिर का निर्माण जहाँगीर के शासन में वीर सिंह बंदेला ने करवाया था ।  इस मंदिर के साथ में एक मस्जिद भी है जो कि हिंदू मुस्लिम सद्भाव को दर्शाती है।  जो भी मथुरा वृंदावन की यात्रा पर आता है कृष्ण जन्मभूमि को देखने जरूर जाता है ।

Banke Bihari Temple In Mathura  बांके बिहारी मंदिर :

वृंदावन में रमण रेती नामक जगह पर स्थित है। बांके बिहारी जी का मंदिर  बहुत ही प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर में से एक है । यहाँ पर श्री कृष्ण भगवान की काले रंग की मूर्ति स्थापित है । अगर आप इस मंदिर में श्रीकृष्ण के दर्शन करने जाएं तो आंखें खोलकर दर्शन करें न कि आँखें बंद करके अपनी मनोकामना मांगते रहे । ऐसा बताते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण से यहाँ पर कोई आंख नहीं मिला सकता है । यह एक प्रकट हुई मूर्ति है श्री कृष्ण भगवान की । मथुरा से इस मंदिर की दूरी 13 किलोमीटर है । यह मंदिर सुबह 7.30 से लेकर रात्रि 9.30 तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है बीच में दोपहर के समय कुछ समय के लिए बंद भी रहता है ।

Dwarkadhish Temple In Mathura द्वारकाधीश मंदिर:

 इस मंदिर का निर्माण 1814 में किया गया था । यहाँ पर आपको कृष्ण की कलाकृतियाँ इस मंदिर के हर भाग में दिखाई देगी । इस मंदिर को पर्यटकों द्वारा बहुत ही ज्यादा सराहा जाता है जहाँ पर जन्माष्टमी पर बहुत ही अच्छे कार्यक्रम होते हैं । जन्माष्टमी के समय यहां पर हजारों की संख्या में भक्त भाग लेते हैं । यह मंदिर रेलवे स्टेशन से चार किलोमीटर की दूरी पर विश्राम घाट के पास  स्थित है । यह मंदिर सुबह 6.30 से लेकर 10:30 बजे तक और दिन में 3.30 से 7 बजे तक भक्तो के लिए  खुला रहता है।

Kansh Fort In Mathura कंश किला :

कंश किले का निर्माण मान सिंह जी मे करवाया था । यह पर हिन्दू और मुगल धर्म का मिश्रण इस किले में दिखाई देता है । इस किले का निर्माण वीं शताब्दी में किया गया था । यह किला यमुना तट पर बसा हुआ है पर्यटकों में ये बहुत ही लोकप्रिय हैं आजकल इस किले को पुरातत्व विभाग सम्भालता है ।

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Govardhan Parvat In Mathura गोवर्धन पर्वत:

ऐसा बताते हैं कि बारिश के पानी से आम जनजीवन को बचाने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने इस गोवर्धन पर्वत को अपनी ऊँगली पर उठा लिया था । इस पर्वत को गिरिराज भी कहा जाता है । श्रद्धालु यहाँ पर पाप मुक्त होने के लिए गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करते हैं इससे बहुत ही शुभ माना जाता है। यह परिक्रमा 23 किलोमीटर की रहती है जिसे आप पैदल या फिर किसी ऑटो से भी पूरी कर सकते हैं। गोवर्धन पर्वत मथुरा से 22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । इस पूरी परिक्रमा में राधाकुंड ,, कुसुम सरोवर, मानसी गंगा और गोविंद कुंड जैसे प्रमुख स्थान भी देखने को मिलते हैं । अगर आप मथुरा वृंदावन की यात्रा पर जा रहे हैं तो गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा जरूर करके आए ।

Kusum Sarovar In Mathura  कुसुम सरोवर:

कुसुम सरोवर गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करते समय बीच में पड़ता है यह गोवर्धन से दो किलोमीटर की दूरी पर राधा घाट के पास स्थित है। इस कुंड की लंबाई 450 फिट और गहराई 60 फ़ीट है । यहाँ पर श्रीकृष्ण के  काल में शाम के समय राधा और कृष्ण यहाँ पर रासलीला करते थे । इस कुंड के चारों ओर कदम के पेड़ काफी संख्या में हैं यहाँ पर शाम की आरती के समय काफी श्रद्धालु एकत्र होते हैं ।

Pagalbaba Temple In Mathura  पागलबाबा मंदिर :

यह मंदिर वृंदावन में स्थित है यहाँ पर इस मंदिर को सफेद पत्थरों से बनाया गया है। बाबा नलिन चक्र या लीलानंद ठाकुर जी जिन्हें पागलबाबा कहा जाता था उन्होंने इस मंदिर का निर्माण करवाया था यह मंदिर 1981 में बनकर तैयार हुआ था लेकिन 1 साल पहले 1980 में पागल बाबा की मृत्यु हो गई थी। इस मंदिर में अखंड ज्योति चलती रहती है । यह मंजिला मंदिर है जहाँ से पूरा वृन्दावन दिखाई पड़ता है इस मंदिर को देखने के लिए ₹5 का टिकट लगता है ।

Prem Mandir In Mathura प्रेम मंदिर:

नेशनल हाईवे से तीन किलोमीटर की दूरी पर प्रेम मंदिर स्थित है । इस मंदिर को कृपालुजी महाराज ने बनवाया था। यह मंदिर अपने आपमें एक अनोखा मंदिर है इस मंदिर को बनने में 11 वर्ष लगे और इसे बनाने में ₹100 करोड़ की लागत आयी । इस पूरे मंदिर को इटालियन सँगमरमर से बनवाया गया है जहा पर आप रात्रि के समय भजनों के साथ लाइट शो देखकर मंत्रमुग्ध हो जाएंगे । ये पूरा मंदिर 54 एकड़ में बसा हुआ है हर तरफ राधा कृष्ण की चित्रकारी बनी हुई है । आप जब भी मथुरा वृंदावन की यात्रा करने जाएं तो प्रेम मंदिर को देखना न भूलें ।

Iskon Temple In Mathura इस्कॉन मंदिर:

इस्कॉन मंदिर को अंग्रेजों का मंदिर भी कहा जाता है । यह पूरा मंदिर सफेद संगेमरमर के पत्थरों से बनाया गया है इस मंदिर को एक ट्रस्ट चलाता है । यहाँ पर कृष्ण और बलराम जी की मूर्ति स्थापित है। इस मंदिर की नक्काशी अपने आप में देखने लायक है यहाँ पर मंदिर में आपको भगवान के जीवन की बहुत सारी जानकारी मिल जाएगी । भागवत गीता के आधार पर इस मंदिर को बनाया गया है। यहाँ पर देसी श्रद्धालुओं के साथ साथ विदेशी श्रद्धालु आपको राधा कृष्ण के भजन में झूमते हुए दिखाई देते हैं । यमुना नदी के तट पर बसा यह मंदिर 1975 में बनाया गया था ।

Nidhi Van In Mathura निधि वन मथुरा :

मथुरा वृंदावन में निधि वन रहस्यों से भरा पड़ा हुआ है । ऐसा बताते हैं कि यहाँ पर स्थित रंगमहल में श्री कृष्ण रात्रि समय में 16,000 रानियों के साथ विचरण करने आते हैं । यहाँ पर मंदिर में 7ताले लगाए जाते हैं उसके बावजूद सुबह जब मंदिर खुलता है तो सात तालों के अंदर स्थित भगवान कृष्ण के मंदिर में सब सामान ऐसे दिखाई पड़ता है जैसे उन सामानों को उपयोग में लिया गया हो । इस वन में तुलसी के पेड़ जोड़े में दिखाई देता है यहाँ पर कई लोगों ने इसकी तहकीकात करने की कोशीश की है लेकिन उनको सफलता नहीं मिली ।

Rangnath Temple In Mathura रंगनाथ मंदिर मथुरा :

रंगनाथ मंदिर वृन्दावन के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है ।इसका निर्माण 1851 में 45 लाख में करवाया गया था । दक्षिण से आए रंग देसी जी ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था उन्हीं के नाम पर इस मंदिर का रंगनाथ मंदिर पड़ा । यहाँ पर साल में एक बार खुलने वाले बैकुंठ दरवाजे के लिए सभी श्रद्धालु तत्परता से इंतज़ार करते हैं ऐसा बताते हैं कि इस दरवाजे को पार करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है ।

Other Visiting Places मथुरा में उपरोक्त पर्यटन स्थलों के अलावा घूमने की जगह:

हमारी इस पोस्ट में जो स्थल हमने दिखाया है उनके अलावा भी मथुरा और वृंदावन में बहुत सारी जगह है जहाँ पर आप घूम सकते हैं जो कि निम्न है : मथुरा संग्रहालय, विश्राम घाट, बिड़ला मंदिर, जय  गुरुदेव मंदिर, पोटारा कुंड, राधाकुंड और रंगभूमि है।

Weather Of Mathura मथुरा वृंदावन की यात्रा कब करें :

मथुरा वृन्दावन उत्तर प्रदेश में स्थित है अत यहाँ पर गर्मी में आना ज्यादा उचित नहीं रहता है इस वजह से आप यहाँ पर सर्दी के समय यात्रा करें ।

Fooding At Mathura मथुरा वृंदावन में खाने की व्यवस्था :

यहाँ पर आपको हर तरह का खाना उपलब्ध हो जाता है लेकिन अगर आप मथुरा आए हैं तो यहाँ के पेड़े, लस्सी और माखन मिश्री खाना न भूलें ।

मथुरा वृन्दावन कितने दिनों के लिए आए :

मथुरा को मंदिरों की भूमि भी कहा जाता है यहाँ पर श्री कृष्ण बलराम और राधाजी के कई मंदिर है । इन सभी जगहों को देखने के लिए आप कम से कम 2-3 दिन का समय लेकर जरूर यात्रा करें ।

मुख्य स्थानों से दूरी

दिल्ली 183 km

आगरा 56 km

लखनऊ 395 km

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