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Ooty Tour In Hindi | ऊटी ट्रिप यात्रा महत्वपूर्ण जानकारी

Ooty Tour In Hindi | ऊटी ट्रिप यात्रा महत्वपूर्ण जानकारी

 

नीलगिरी की पहाड़ियों पर बसा है ऊटी। ऊटी को उदगमंडलम भी कहा जाता है।  तमिलनाडु केनीलगिरीजिले में बस है ऊटी शहर ।  यह भारत का एक बहुत ही फेमस टूरिस्ट प्लेस है। हरे भरे पहाड़ों के कारण इसे पहाड़ों की रानी भी कहा जाता है।  चाय के बागान, ऊंची पहाड़ियां, एक तरफ पानी की झील जिसमे लोग वोटिंग करते हुए दिखाई पड़ते है ऐसा है ऊटी शहर ।   ऐसा कहा जाता है कि यहाँ की घाटियों में वर्षों में एक बार लगने वाले कुंजी के फूलों के कारण ये पहाड़िया पूरी नीले रंग की हो जाती इसी कारण से इसका नाम ब्लू माउंटेन भी है ।  इस ब्लॉग में हम ऊटी कैसे पहुंचें ऊटी में आसपास घूमने लायक कोंनसी जगह है , यहाँ पर रहने की व्यवस्था क्या रहेंगी कौन सा मौसम यहाँ घूमने लायक है और इस यात्रा में कुल कितना खर्च आएगा इसके बारे में हम जानेगे।

ऊटी कहाँ स्थित है 

ऊटी कोयम्बटूर से 80 किलोमीटर, मैसूर से 130 किलोमीटर और बेंगलुरु से 270 किलोमीटर दूर पहाड़ी पर स्थित है ।  भारत के किसी भी कोने से ऊटी पहुंचने के लिए सभी तरह के साधन उपलब्ध है। 

हवाई जहाज द्वारा   : ऊटी के लिए कोयम्बटूर और बैंगलोर एअरपोर्ट है दोनों ही जगह हवाईजहाज से पहुचने के बाद आप यहॉ  से ऊटी टैक्सी या बस द्वारा यात्रा कर सकते हैं कोयम्बटूर से ऊटी जाने के लिए 3 से 4 घंटे का समय लगता है जबकि बैंगलोर से ऊटी जाने के लिए में लगभग 7-8 घंटे लगेंगे। 

ट्रेन द्वारा :  ट्रेन से ऊटी आने के लिए भी कोयम्बटूर बैंगलोर और मैसूर तक भारतीय रेल से आ सकते हैं।

कोयम्बटूर से 30 किलोमीटर दूर मेट्टूपलयम स्टेशन से हमें टॉय ट्रेन मिल जाती इस स्टेशन से ऊटी लगभग 50 किलोमीटर पड़ता है। टॉय ट्रेन से ऊटी जाने के लिए यह 50 किलोमीटर का सफर हमें पांच घंटे में पूरा करना होता है। ये थोड़ा लंबा सफर होता है लेकिन इस सफर में बहुत मज़ा आ जाता है चारों तरफ पहाड़ियां, झरने  हमें इस ट्रेन से दिखाई पड़ते रहते हैं यहाँ से रोजाना ट्रेन उपलब्ध है। अगर हम ऊटी जा रहे हैं तो हमे इस ट्रेन का मज़ा जरूर लेना चाहिए। 

बस द्वारा   :  बस द्वारा  ऊटी कैसे पहुँचे चेन्नई मैसूर कोयम्बटूर में ऊटी के लिए हर समय बस मिल जाती है। इन्ही जगह से हम टैक्सी लेकर भी ऊटी का सफर तय कर सकते हैं ।

मैसूर से ऊटी का किराया लगभग ₹700 जबकि कोयम्बटूर ₹550 किराया है।

ऊटी में घूमने लायक जगह है 

1 बोटनिकल गार्डन:  ऊटी का जो बॉटनिकल गार्डन है वो लगभग 25 हेक्टेयर में फैला हुआ है। यहाँ पर आपको जीवाश्म वृक्ष दिखाई दे जाएंगे जो कि यहां का मुख्य आकर्षण है । यह गार्डन 1848 में बनाया गया था। इस इस गार्डन को कई तरह के सेक्शन में बांटा गया है । यहाँ पर चारों तरफ़ ऊंचे ऊंचे  पेड़ लगाए हुए हैं। ये सिटी सेंटर से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सप्ताह के प्रत्येक दिन ये गार्डन सुबह 7:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक खुला रहता इसे देखने के लिए आपको ₹40 की फीस देनी होती है

2 ऊटी झील : ऊटी झील  नीलगिरी के पहाड़ियों के बीच में स्थित है । ये लगभग दो से तीन किलोमीटर लंबी है इसका निर्माण 1824 में करवाया गया था। यहाँ पर आप पेट्रोल बोट मोटरबोट का लुत्फ उठा सकते हैं यहा पर  पर्यटक आपको हमेशा बोटिंग करते हुए मिल जाएंगे। यहाँ पर बच्चों के लिए गेम्स  कॉम्प्लेक्स भी है जहाँ पर बच्चे भी एन्जॉय कर सकते हैं यहाँ पर आप घुड़सवारी का आनंद भी उठा सकते हैं।

3 डोडा पेटा हिल्स:   डोडापेट्टा हिल्स  ऊटी से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । यह समुद्र तल से लगभग 3600 फिट की उचाई पर स्थित है।  ये हिल्स नीलगिरी की सबसे ऊंची चोटी कहलाती है । सबसे बड़े पहाड़ के नाम से ऐसे जाना जाता है ।  यहाँ पर अप्रैल और मई के महीनों में भारी संख्या में पर्यटक आते हैं इस पहाड़ी पर एक टेलिस्कोप हाउस भी बना हुआ है जहाँ से आप चारों तरफ का नजारा देख सकते हैं।

4 मुरुगुन टेम्पल: ऊटी में एलीक पहाड़ी पर बना हुआ है मुरुगन मन्दिर । ये बहुत ही पुराना और अच्छा मंदिर है जो कि धार्मिक आधार पर एक बहुत ही अच्छी जगह है यहाँ पर मुरगन भगवान का मंदिर है । यहाँ पर मुरुगन भगवान की 40 फिट ऊंची प्रतिमा बनी हुई यह मंदिर लगभग 1000 साल पुराना है यहाँ पर लोग शांति और मेडिटेशन के लिए आते हैं।

5 कलहट्टी वाटर फाल : ऊटी का एक दर्शनीय स्थल हैं जिसका नाम है काल हटी फॉल ये लगभग 13 किलोमीटर दूर स्थित है और ये लगभग 100 फुट की उचाई से गिरता है। इस फ़ाल के आसपास जंगल होने के कारण यहाँ पशु पक्षी भी बहुत अधिक मात्रा में पाएँ जाते हैं ये फॉल पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। 

6 फ्लावर शो: मई के महीने में ऊटी में सबसे ज्यादा पर्यटक आते हैं क्योंकि यहाँ का मौसम बहुत ही सुहावना होता है इस वजह से मई के महीने में ऊटी में फ्लावर्स शो का आयोजन किया जाता है बॉटनिकल गार्डन में फूलों की बहुत सारी प्रजातियां दिखाई देती है यही पर फ्लावर शो का आयोजन किया जाता है यहाँ लगभग 150 प्रजाति के फूल रखे हुए है जो की देश और विदेश से आयातित किए जाते हैं । इसमें कुछ विदेशी फूल तो बहुत ही दुर्लभ है पर्यटक और बाकी लोग इस प्रतियोगिता में भाग लेते हैं और ये लगभग दो दिनों तक चलता है।

7 कोटागिरी हिल: ऊटी से लगभग 28 किलोमीटर की दूरी पर बसा है कोटागिरी हिल्स । यहाँ पर चाय के बागानों की प्रचुरता है । चाय के बागान दिखने में बहुत ही सुंदर दिखाई देते हैं यहाँ बहुत सारे रिसोर्स बने हुए हैं इस वजह से पर्यटक यहाँ पर आना बहुत ज्यादा पसंद करते हैं।

8 मुकुर्थी नेशनल पार्क : 80 वर्ग किलोमीटर में फैला है ये मुकुर्थी राष्ट्रीय उद्यान। यहाँ पर बहुत सारे जानवर पक्षी दिखाई दे जाते हैं इसमें कुछ वाच टावर भी है जो इनकी सेफ्टी के लिए बनाए गए हैं यहाँ पर ऊटी पर जो लोग घूमने आते हैं वो ट्रैकिंग के लिए इस जगह का उपयोग करते हैं । यहाँ पर नदी बहती है जो बहुत मनोरम दृश्य दिखाई देता है ।यहाँ पर थिप्पा कडू  हाथी केम्प  बच्चों के लिए बहुत ही देखने लायक जगह है।

9 रोज़ गार्डन : ऊटी में ये है रोजगार्डन बहुत ही फेमस है ये लगभग 10 एकड़ में फैला हुआ है यहाँ पर गुलाब की 20,000 से ज्यादा प्रजातिया हमें देखने को मिल जाती है। 

10 सेंट स्टीफन चर्च : ये खूबसूरत चर्च ऊटी मैसूर रोड पर स्थित है भारत के सबसे पुराने चर्च में से एक है ये ।इस चर्च में  वास्तु शिल्प कला बहुत देखने लायक है इस चर्च में लगी  कांच की खिड़कियां और पेंटिग्स देखने लायक है।  तो अगर आप ऊटी जा रहे हैं तो इस चर्च को देखना न भूलें। 

11 थ्रेड गार्डन :       थ्रेड गार्डन में कई तरह के फूल लगाए गए हैं जिन्हें की धागों से बनाया गया है और सबसे बड़ी बात यह है कि ये धागों से जो फूल बनाए गए हैं वो बिना किसी सुई के इस्तेमाल के बनाए गए हैं यहाँ पर लगभग 6,00,00,000 मीटर धागा काम में लिया गया है जिससे के ख़ूबसूरत फूलो को बनाया गया है । इन फूलों का निर्माण एंटोनी जोशफ ने  किया था

12 नीलगिरी माउंटेन रेल : ये लगभग 100 साल से भी ज्यादा पुरानी रेल है । ये रेल कुन्नूर से  ऊटी तक 50 किलोमीटर का रास्ता लगभग 5 घंटे में तय करती है यह नीलगिरी के ऊंचे पहाड़ और झरनों के बीच में से होती हुई ऊटी तक का सफर तय करती है जो कि बहुत ही रोमांचित करने वाला दृश्य होता है पर्यटकों के लिए।

ऊटी में रहने की व्यवस्था:     ऊटी में रहने के लिए आपको लगभग ₹800 से लेकर 50000 तक के होटल मिल जाते हैं जिसे आप ऑनलाइन बुक करवा सकते हैं।

जाने के लिए कितने दिन का टूर बनाये  : ऊटी जाने के लिए लगभग 3-4 दिन का समय पर्याप्त रहता है जिसमे आप ऊटी के सारे घूमने लायक जगह को एक्सप्लोर कर सकते हैं। 

ऊटी में बोली जानेवाली भाषाएं ऊटी में लोकल गांव में तमिल और कन्नड़ भाषा बोली जाती है बाकी जगह पर हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाये बोली जाती है। 

ऊटी में घूमने के लिए लगने वाला कुल खर्च ऊटी में जब आप पहुँच जाते हैं तो उसके बाद में अगर आप 4 दिन वहाँ रहते हैं तो लगभग रहने के लिए ₹1000 रोजाना का खर्चा और इसी के साथ ₹1500 प्रतिदिन का अलग से खर्चा लग जाता है इस तरह से 4 दिन का टोटल खर्च जो है वो कम से कम ₹10,000 आता है एक कपल के लिए। 

ऊटी में किस समय जाए: यहाँ घूमने के लिए अप्रैल से जून मैं 10 डिग्री से लगभग 30 डिग्री तापमान रहता है और सितंबर से नवंबर के बीच में 6 डिग्री से लगभग 21 डिग्री तक का तापमान रहता है ये दोनों ही समय बहुत ही अच्छे रहते है घूमने के लिए लेकिन सामान्यतया  यहाँ पर्यटक गर्मी के दिनों में ज्यादा आना पसंद करते हैं ये दक्षिणी भारत का सबसे ठंडा रहने वाली  जगह है ।

इस यात्रा से सम्बंधित अगर आपको और भी कोई जानकारी चाहिए हो तो आप हमसे संपर्क कर सकते है।

 

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