Top 10 Tourist Places Of Rajasthan In Hindi

Top 10 Tourist Places Of Rajasthan In Hindi

Aaj hum aapko bharat ke ek khoobsurat rajya rajasthan ke paryatan tourist places ke baare me.

Udaipur  उदयपुर

अरावली पहाड़ियों से घिरा एक बहुत ही सुन्दर शहर जिसका नाम उदयपुर है इस शहर का इतिहास 460 साल पुराना है । महाराजा उदय सिंह जी ने 1559 ईस्वी में उदयपुर का निर्माण किया था । चित्तौड़गढ़ के बाद उदयपुर को मेवाड़ की राजधानी घोषित किया था । इतिहास में सबसे मशहूर महाराणा प्रताप जी के पिताजी थे महाराजा उदय सिंह जी ।उदयपुर में सबसे पहले मोती महल का निर्माण किया गया था जिसे आजकल मोतीमगरी के नाम से जाना जाता है । उदयपुर को झीलों की नगरी भी कहा जाता है अगर इसे हम महलो की नगरी भी कहें तो भी कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी । उदयपुर राजस्थान का बेहद थी आकर्षक शहर है । प्राकृतिक सौंदर्य , कृतिम झील और कई मंदिर इसकी खूबसूरती को चार चाँद लगा देते हैं। उदयपुर जाने के बाद आप वहा सिटी पैलेस, फतेह सागर झील , जगमंदिर पैलेस , सज्जनगढ़ पैलेस , पिछोला झील , गुलाब बाग , सहेलियों की बाड़ी ,विंटेज कार म्यूजियम और जगदीश मन्दिर घूम सकते  है ।

 

Jodhpur  जोधपुर

जोधपुर राजस्थान का  दूसरा सबसे बड़ा जिला है । इसे ब्लू सिटी के नाम से भी जाना जाता है यहाँ पर पुराने समय में ब्राह्मणों ने अपने मकानों को अलग रूप देने के लिए इनपर नीला रंग पुतवाया था ये परंपरा आज दिन तक चली आ रही है । यहाँ पर आपको राजसी ठाट बाट और परंपरागत जीवन यापन करने वाले लोग दिखाई देते हैं । जोधपुर पहले मारवाड़ की राजधानी कहलाता था । अगर आप छुट्टियां मनाने के लिए प्लान कर रहे हैं तो जोधपुर इसके लिए बेहतर विकल्प  है । लोग जोधपुर घूमने जाते समय अधिकतर जैसलमेर को भी साथ में रहते हैं तो हमारा भी आपको यही सुझाव है कि अगर आप राजस्थान के रेगिस्तान घूमने आ रहे हैं तो जोधपुर जैसलमेर को एक साथ कवर करें ।

जोधपुर में कई लोकप्रिय स्थान , किल्ले, झरनों के साथ साथ कई ऐतिहासिक स्थलों के लिए फेमस है । आप यहां जाए तो यहां की दाल और प्याज की कचोरी खाना बिल्कुल भी ना भूलें । जोधपुर जाकर आप मेहरानगढ़ किला , उम्मेद भवन पैलेस ,बालसमन्द झील , चामुंडा माता मंदिर,  मसूरिया हिल्स गार्डन , क्लॉक टावर , मंडोर गार्डन , कायलाना झील , राव जोधा डेजर्ट रॉक पार्क आदि स्थानों पर घूम सकते है ।

Chittorgarh चित्तौड़गढ़

एशिया का सबसे बड़ा किला है चित्तौड़गढ़ का किला। इसका निर्माण सात वीं शताब्दी में मोर्य शासकों द्वारा किया गया था । यह किला शक्ति, भक्ति ,त्याग और बलिदान से परिपूर्ण है । शक्ति के अंतर्गत महाराणा प्रताप भक्ति में मीरा बाई, त्याग में दासी पन्नाधाय और बलिदान में रानी पदमनी, इस किल्ले की शान है । 

चित्तौरगढ़ किल्ला सूर्यवंशी राजाओं का इतिहास बताता है इसी वजह से इस किले पर पूर्वी दिशा में यानी की सूर्योदय की तरफ़ एक दरवाजा है जिसे सूरजपोल कहा जाता है और पीछे की तरफ जो कि आजकल आने जाने के लिए काम में लिया जाता है वहाँ पर सात दरवाजे हैं। यह किला 13 किलोमीटर में फैला हुआ है । यह 700 एकड़ में बसा हुआ है ।

ऐसी किवंदती है कि इस किले का निर्माण सिर्फ एक ही रात में महाभारत के समय पाण्डु भाइयों में सबसे बलशाली राजकुमार भीम ने अपने अद्भुत शक्ति का इस्तेमाल करके किया था । यहा आप विजय स्तम्भ , जौहर कुंड, कीर्ति स्तंभ , रानी पदमावती महल , कुम्भा महल और गौमुख कुंड को कवर कर सकते है ।

Bikaner  बीकानेर

बीकानेर का नाम आते ही हमें बीकानेर की मिठाइयां और नमकीन याद आ जाती है। बीकानेर अपने खाने के साथ साथ चमड़े की वस्तुओं और एशिया के सबसे बड़े ऊंट फार्म हाउस के लिए भी जाना जाता है । यहाँ आकर आप पुरानी हवेलियां और किले पर की गई नक्काशी को रुबरु देख पाएंगे। बीकानेर जाकर आप जूनागढ़ किला,लाल गढ़, पब्लिक पार्क, भुजिया मार्केट, जैन मंदिर करणीमाता मंदिर और ऊंट की सफारी का आनंद ले सकते हैं ।

Jaisalmer जैसलमेर

राजस्थान का सबसे खूबसूरत शहर है जैसलमेर । इसे गोल्डन सिटी के नाम से भी जाना जाता है । जैलमेर राजस्थान के पश्चिम में स्थित है । जैसलमेर में चारो और रेत ही रेत है जिस पर सुबह की पहली किरण ओढ़ने पर एक अद्भुत चित्र बन जाता है । यहां लकड़ी और पत्थर की नक्कासी से बनी हवेलिया देखने लायक   है । जैसलमेर , मरु महोत्सव के लिए भी बहुत प्रसिद्व है । मरु महोत्सव जनवरी –  फरवरी में आयोजित किया जाता है इसमें बहुत से विदेशी पर्यटक भी भाग लेते है । राजस्थानी वेशभूषा में लोग नृत्य करते है, लोक कलाकार कठपुतली से राजस्थान के इतिहास के बारे में बताते है । ऊंट दौड़ , रेगिस्थान सफारी इस महोत्सव में जान डाल देती है । यहा आप जैसलमेर का किला  , गड़ीसर झील पटवों की हवेली , कुलधरा , तनोट माता मंदिर , लोंगेवाला बॉर्डर भारत पाक सीमा एवं सेम ड्यून्स जाना बिलकुल ना भूले ।

Jaipur  जयपुर

भारत का सबसे सुंदर और दर्शनीय स्थल हैं जयपुर ये जितना लोकप्रिय है उतना ही लुभावना भी है । जयपुर को पिंक सिटी के नाम से भी जाना जाता है । जयपुर सुंदर महल, किले, झीलें और हवेलियों के लिए प्रसिद्ध है । यहाँ की संस्कृति बहुत ही अद्भुत है इसी वजह से यहाँ पर हर साल लाखों पर्यटक घूमने आते हैं ।  जयपुर को महाराज जयसिंह जी ने 1727 मैं बसाया था । जयपुर की सुंदरता देश के साथ साथ विदेश में भी काफी चर्चित है यह जहाँ तक जयपुर की सीमा लगती है वहाँ चारों ओर खूबसूरत नजारे आपको देखने को मिल जाएंगे । जयपुर की संस्कृति और पहनावा  आज भी पुराने जमाने की याद दिला देता है। जयपुर को बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से बसाया गया है यहाँ की अधिकतर इमारतें गुलाबी कलर की है इसी वजह से जयपुर को गुलाबी नगर के नाम से जाना जाता है । जयपुर को आप २ से ३ दिनों में आराम से घूम सकते है जिनमे आप आमेर किल्ला , सिटी पैलेस , हवा महल  , जंतर मंतर , नाहरगढ़ किल्ला, जल महल, सिसोदिया रानी के महल , जयगढ़ किला , चौखी ढाणी , बिरला मन्दिर और सेंट्रल पार्क जयपुर को कवर कर सकते है ।

Mount Abu माउंट आबू

अरावली पहाड़ियों के जंगल के बीच में बसा है राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन जिसका नाम है माउंट आबू । यह समुद्री तल से लगभग 1200 मीटर की ऊंचाई पर बसा हुआ है  । यह स्थान राजस्थान के अन्य जगहों के जैसे गर्म नही रहता है । माउंट आबू में हिन्दू धर्म के साथ साथ जैन धर्म के भी बहुत सारे तीर्थस्थल है । यहां देश विदेश से काफी संख्या में पर्यटक आते   है । माउंट आबू राजस्थान के सिरोही जिले में बसा है । यह एक हनीमून स्पॉट के साथ साथ झील और मन्दिर के लिए भी प्रसिद्ध है । जिनमे मुख्यतया नक्की झील , देलवाड़ा मन्दिर , गुरु शिखर , अचलगढ़ फोर्ट , टॉड रोक , सनसेट पॉइंट , रघुनाथ मन्दिर और वाइल्ड लाइफ सेंचुरी  है ।

Kumbhalgarh कुंभलगढ़

मेवाड़ में चित्तौड़गढ़,  उदयपुर और जो तीसरा नाम आता है वह है कुंभलगढ़ । कुंभलगढ़ का निर्माण सन 1445 से लेकर 1458 के दौरान महाराणा कुम्भा के द्वारा करवाया गया था । कुंभलगढ़ मेवाड़ के महान योद्धा महाराणा प्रताप की जन्म स्थली भी है । इस गढ़ को बनाने में महाराणा कुम्भा को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा और अंततः उन्होंने इसे  नहीं बनाने के लिए लिए सोचा । कार्य बंद करते  उसी समय उन्हें एक आदमी मिला उसने बताया की अगर यहां पर कोई स्वेच्छा से बलि देगा तो गढ़ का निर्माण जल्द ही पूरा हो जाएगा ।  ये उपाय बताने वाले आदमी ने महाराणा से अपनी स्वेच्छा से बलि चढ़ाने के लिए अनुमति मांगी और अपने देश के लिए बलि चढ़ गया  और इस प्रकार गढ़ का निर्माण पूरा हुआ उदयपुर से लगभग 84 किलोमीटर दूर अरावली पर्वत के बीच में स्थित है । कुमभलगढ़ । हल्दीघाटी युद्ध हारने के बाद महाराणा प्रताप ने भी बहुत दिनों तक कुमबलगढ़ में अपना जीवन व्यतीत किया था । कुम्भलगढ़ में मुख्यतया बादल महल, बावन देवरी , गंगा गोवर्धन म्यूजियम , लाइट एंड साउंड शो  देखने लायक जगह है जहा आप अपना समय व्यतीत कर  सकते है ।

Kumbhalgarh कुंभलगढ़

Pushkar  पुष्कर

गुलाब उद्यान के नाम से प्रसिद्ध राजस्थान के अजमेर जिले से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है हमारा मुख्य तीर्थ स्थल पुष्कर । पूरे भारत वर्ष में पुष्कर ही एकमात्र ऐसा स्थान है जहाँ पर परमपिता परमेश्वर ब्रह्मा जी का मंदिर बना हुआ है । हिन्दू धर्म की मान्यता अनुसार इसे तीर्थराज भी कहा जाता है । पुष्कर अरावली पर्वतमाला से गिरा हुआ एक प्राचीन शहर है । ऐसा कहा जाता है कि पांडवों को जब अज्ञातवास मिला था तो उन्होंने अपना अज्ञातवास यहीं पर व्यतीत किया  था । उस समय पांडवों ने पांच कुंडों का निर्माण किया था जो कि आज भी नाग पहाड़ पर स्थित है । पुष्कर में विश्व प्रसिद्ध ऊंट का मेला भी लगता है जहाँ पर काफी संख्या में देश और विदेश के पर्यटक शामिल होते हैं । यहा आप ब्रह्मा जी का मंदिर ,पुष्कर लेक,  टेम्पल , सावित्री मंदिर, अप्टेश्वर मंदिर , मन महल  आदि स्थानों पर घूम सकते है ।

Haldighati  हल्दीघाटी

उदयपुर से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है हल्दीघाटी का ऐतिहासिक युद्ध स्थल । हल्दीघाटी को महाराणा प्रताप और अकबर के सेनापति एवम आमेर के राजा मान सिंह के बीच लड़े गए युद्ध के लिए जाना जाता है । इस युद्ध मे महाराणा प्रताप ने मान सिंह को खदेड़ दिया था । इसी वीरता को बयां करती है ये हल्दीघाटी । हल्दीघाटी पहुचकर आप रक्ततलाई, चेतक स्मारक, चेतक समाधि, हल्दीघाटी के  संग्रहालय, नाथद्वारा के श्रीनाथ जी और शिव मूर्ति तथा कांकरोली   के द्वारकाधीश मन्दिर निम्न स्थानों पर घूम सकते है ।

 

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